सोच

सोच

न जाने ये सोच, इतना क्यों घबराती है? कभी भी सही वक़्त पर, बाहर ही नहीं आती है । अनजानों के सामने तो, सहम-सी जाती है। पर कभी-कभी तो, अपनों से भी लजाती है। बाद में उन पलों को, याद करके पछताती है। कुछ न कर पाने का, अफ़सोस जताती है। मानती हूँ कि तुझे…

Read more सोच

The लफ्ज़ Flux

The लफ्ज़ Flux

बुखार था वीज्ञान का, इंजीनरिंग सिखने लगे, ले सॉफ्टी पी. सी. व एम कि, साहित्य छिकने लगे। मशीन अब भरम, अभिराम शब्द में मिलने लगे, न सी न जावा, कोड भि तुकबंद हम लिखने लगे। न फ़ारमूला, अब ज़ेहन में शायरी टिकने लगे, गणित कहाँ, हम मेहबूबजान को लिखने लगे। शिखर जभी हिलने लगे, कली…

Read more The लफ्ज़ Flux

काठ की गुड़िया

काठ की गुड़िया

काठ की गुड़िया. बचपन का ज़रिया. निर्धन हूँ, बापू की बुचिया. ज़िद कर डाली, लाने को कंचे. बैठा भेड़इया दूर कहीं. ले आये पटरा-सटरा, आकार दिया, दिन रात दिया. कपड़े सिले, पहनाये. हाथ दिया मैं ना मानी; बापू समझाते यही बढ़िया, काठ की गुड़िया. काहे रोती? मत रो बुचिया! बहके मन को जोत दिया. माई ने गोद भरा, कहती—यह सब मोह भरा! मेरी गुड़िया! बापू मेरे भी यही किया; तू भी रख ले, काठ की गुड़िया. कई वर्ष हुए. मैं नर्स हुई. उगते जीवन का हर्ष हुई. नन्ही हथेलियाँ स्पर्श हुईं. मैं स्वावलंबी उत्कर्ष हुई. बापू तुमने साकार किया. सपना मेरा,  विश्वास किया. अर्थ दिए, सामर्थ्य दिए. अब रोज़ बनाती; प्राण की गुड़िया, संसार की गुड़िया, धनवान की गुड़िया, अनजान की गुड़िया. बस बना ना पायी, वरदान की गुड़िया; काठ की गुड़िया. माँ के संघर्षो को प्रणाम! बापू तुम सबसे महान! रस्ता ये अलग तुमने ठाना. बेटी को बेटा माना.…

Read more काठ की गुड़िया

क्या तुम मेरे साथ चलोगे?

क्या तुम मेरे साथ चलोगे?

कुबेर का हाथ नहीं है; पर वक़्त की बरसात है. क्या इस सावन मेरे साथ बरसोगे? क्या तुम मेरे साथ चलोगे?   शान्ति की सौगात नहीं है; शोर भरी ये रात है. क्या इस अमावस मेरे साथ डूबोगे? क्या तुम मेरे साथ चलोगे?   सफलता की ज़मानत नहीं है; वादों की बैसाख है. क्या ज़िन्दगी…

Read more क्या तुम मेरे साथ चलोगे?

Killshot

Killshot

  I strolled about, and in and out, I tottered the woods in the snow; My heavenly beard flowing out No whiter than the snow. At some time it did pass Behind the tall trees and grass- A striking buck with antlers nine, Gracing the snowy woods divine. I drew back, death ready to hit,…

Read more Killshot