रंजिश-ए-ख़ामोशी

शांत था मैं उस दिन। इस वाक्य को दोहराते हुए अब मुझे एक महीना होने को था। कारण? किसी अपने की कमी थी। शायद मेरा नाम लेने वाला कोई अपना अब नहीं रहा था। शायद किसी मधुर आवाज़ की खोज थी। कोई ऐसा जो नाम भले ही दिन में एक बार ले, पर जिस दिन…

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The लफ्ज़ Flux

The लफ्ज़ Flux

बुखार था वीज्ञान का, इंजीनरिंग सिखने लगे, ले सॉफ्टी पी. सी. व एम कि, साहित्य छिकने लगे। मशीन अब भरम, अभिराम शब्द में मिलने लगे, न सी न जावा, कोड भि तुकबंद हम लिखने लगे। न फ़ारमूला, अब ज़ेहन में शायरी टिकने लगे, गणित कहाँ, हम मेहबूबजान को लिखने लगे। शिखर जभी हिलने लगे, कली…

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रिज़ल्ट का हौवा

रिज़ल्ट का हौवा

29 मई, 2018, हाँ, यही शुभ दिन था जब घर की चिराग कुसुम बेटी की धड़कनें तेज़ हुई जा रही थीं। मन के किसी कोने में उत्साह को दबाये, वो अपनी व्याकुलता का पूरे घर में खुलेआम प्रदर्शन कर रही थी। सूरज सर पे आने लगा था, 11 बज चुके थे परंतु अभी तक माताश्री…

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वफ़ा की बेवफ़ाई

वफ़ा की बेवफ़ाई

  मेरी मिन्नतों, औ’ तेरी ज़िल्लतों ने बर्बाद कर दिया, मेरी मिन्नतों, औ’ तेरी ज़िल्लतों ने बर्बाद कर दिया; धड़कन थी तुम, मेरी धड़कन थी तुम, जाओ दिल से ही आज़ाद कर दिया. – तनय केडिया  

Yeah! She Was There

Yeah! She Was There

2010: I joined Facebook, she was there. 2012: ‘L8’ was replied with ‘f9’, she was there. 2014: I rejected Candy Crush requests, she was there. 2016: I tagged in memes, she was there. 2018: I reopened Facebook, I had lost her. Wrinkles adored breeze and I lost her, my interest in Facebook. – Tanay Kedia