अंतर्क्लबीय राजनीति

अंतर्क्लबीय राजनीति

पहली प्रस्तावना: मैं अक्सर कहता हूँ कि श्रीकृष्ण एक अच्छे राजनीतिज्ञ थे. यहाँ तक कि उन्होंने ‘फूट डालो, आराम से रहो’ की नीति अपनाई. कौरवों और पांडवों को आपस में लड़ाकर एक पक्ष का साथ दिया और हस्तिनापुर राज्य के पड़ोस में ही द्वारका बसाकर चैन की बंशी बजाने लगे. मथुरा से भाग आये थे…

Read more अंतर्क्लबीय राजनीति

MMV वाली लड़की

MMV वाली लड़की

“तुम समझते क्यों नहीं हो श्वेतांक शौक़ के लिये लिखना अलग बात है. तुम बहुत अच्छा लिखते हो, लेकिन सिर्फ प्यार भरी शायरी सुनकर पेट की भूख नहीं मिटती, ये कहानियाँ आपकी ख्वाहिशें पूरी नहीं कर सकतीं. सोसाइटी में जीने के लिये एक स्टेटस बना कर चलना पड़ता है. अब या तो तुम कोई कोर्स…

Read more MMV वाली लड़की

गिरते हुए पुल

गिरते हुए पुल

किसी मंत्री की बीवी के जो पैरों में पड़ी पायल, या उसके हाथ में हीरे जड़ी कोई अंगूठी है। इसी के ख़र्च से झुककर गिरा मेरे शहर में पुल; इसी कंक्रीट में दबकर मरी इक माँ की बेटी है। महीने भर की है तनख़्वाह हज़ारी, तीस या चालीस। उसी अफ़सर के घर में है जो…

Read more गिरते हुए पुल

सज़दा

सज़दा

लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के सामने वाली सड़क पर चहल-पहल तेज़ हो गयी है. सुबह के कुछ 9 बजे रहे हैं. और नवाबों के शहर की शहज़ादी साहिबा अभी तक आराम फरमा रहीं हैं. मोहतरमा जबसे हॉस्टल में आयीं हैं तबसे खुद को डॉक्टर समझने लगी हैं, सुबह 4 बजे शब्बा ख़ैर होती है…

Read more सज़दा